मॉब लिंचिंग की घटना पर राज्यों को सुप्रीम कोर्ट की आदेश

शीर्ष अदालत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पिछले साल केंद्र और महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा के डीजीपी को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में मुस्लिमों के खिलाफ गौ रक्षा के नाम पर हो रही हत्या और बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में कई राज्य सरकारों को छह सप्ताह का समय दिया है। अदालत का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में की गई कार्रवाई से छह सप्ताह के अंदर अवगत कराएं। एक महिला संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। याचिका में गोरक्षकों द्वारा मुसलमानों के खिलाफ भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) और भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटनाओं में शीर्ष अदालत के वर्ष 2018 के फैसले के अनुरूप राज्यों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिए जाने की मांग की गई थी।

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