हावड़ा में रामनवमी रैली को लेकर टीएमसी पर भड़के पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं। बंगाल के बालुरघाट में उन्होंने मंगलवार को एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की टीएमसी सरकार की आलोचना की। पीएम मोदी ने ममता सरकार पर घुसपैठियों को सुरक्षा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममता सरकार घुसपैठियों को तो सुरक्षा देती है लेकिन नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रही है, जो शरणार्थियों को नागरिकता देता है। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अपराध हैं। जब केंद्रीय एजेंसियां इन मामलों की जांच करने की कोशिश करती हैं तो उन पर हमला हो जाता है। ऐसा लगता है कि टीएमसी ने घुसपैठियों और गुंडों को राज्य पट्टे पर दे दिया है। रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी को लगता है कि दलित, आदिवासी और गरीब अपनी मर्जी से हिल भी नहीं सकते हैं। लेकिन 2024 का यह चुनाव उन्हें बता देगा कि बाबासाहब अंबेडकर के लोकतंत्र में दलित, वंचित और आदिवासी टीएमसी के गुलाम नहीं हैं। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने आदिवासी समुदाय की महिलाओं को अपने घुटनों पर झुका दिया लेकिन जल्द ही टीएमसी घुटनों पर आ जाएगी। यहां के आदिवासी समाज के त्याग और बलिदान का देश पर बड़ा कर्ज है। आज भाजपा आदिवासियों और दलितों के सम्मान के लिए लड़ रही है। भाजपा ने ही देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी। टीएमसी जैसी पार्टी दलित, आदिवासी महिलाओं को अपना बंधक बनाकर रखना चाहती है। रामनवमी और रामलला का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि रामनवमी पर रामलला अयोध्या स्थित अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। मुझे पता है कि हर वर्ष की तरह इस साल भी ममता सरकार ने राम नवमी समारोह को रोकने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने समारोह को रोकने के लिए कई साजिशें रची हैं। लेकिन जीत हमेशा सत्य की ही होती है। इसलिए अदालत ने रामनवमी के जुलूस के लिए अनुमति दे दी है। कल रामनवमी के अवसर पर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य जुलूस निकाला जाएगा। मैं बंगाल के अपने सभी भाइयों और बहनों को इस अवसर पर बधाई देता हूं।

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