आंध्र प्रदेश के विधायक ने पोलिंग बूथ में जमीन पर फेंक के मारी वीवीपैट मशीन, सामने आया सीसीटीवी फुटेज

आंध्र प्रदेश के एक विधायक का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पोलिंग बूथ पर मौजूद मतदाता-सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीन को उठाकर जमीन पर फेंकते हुए नजर आ रहा है. जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक ने 7 मतदान केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में तोड़फोड़ की है. इस पर चुनाव आयोग ने विधायक के खिलाफ राज्य पुलिस प्रमुख को सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है. पुलिस ने कहा कि विधायक को आरोपी के रूप में नामित किया गया है, जबकि विपक्षी तेलुगु देशम पार्टी ने दावा किया है कि विधायक और वाईएसआरसीपी को डर है कि वो चुनावों में हार जाएगी और इसलिए वो इस तरह की बर्बरता कर रहे हैं. यह घटना 13 मई को हुई, जब आंध्र प्रदेश की सभी 25 लोकसभा सीटों और सभी 175 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ. फुटेज में, वाईएसआरसीपी नेता पिन्नेली रामकृष्ण रेड्डी, जो माचेरला निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं और वहां से कम से कम तीन बार जीत चुके हैं, को पलवई गेट मतदान केंद्र में जाते हुए देखा गया, जहां एक चुनाव अधिकारी उनका स्वागत करने के लिए उठता है. बिना कुछ कहे विधायक उस बंद जगह में चले जाते हैं जहां ईवीएम रखी हुई है, वीवीपैट उठाते हैं और उसे बहुत जोर से जमीन पर फेंक देते हैं. इस वजह से मशीन का एक हिस्सा टूट कर बाहर आ जाता है. तभी कोई व्यक्ति उनके एक सहयोगी पर हाथ उठाता है और उन्हें रोकने की कोशिश करता है और विधायक वहां से जाने लगते हैं तभी वह उस टूटे हुए हिस्से को लापरवाही से लात मार देते हैं. इसके बाद एक चुनाव अधिकारी को जमीन पर पड़ी वीवीपैट की रिकॉर्डिंग करते हुए देखा जाता है. एक बयान में, चुनाव आयोग (ईसी) ने कहा कि रेड्डी को माचेरला विधानसभा क्षेत्र में “पीएस नंबर 202” के सात मतदान केंद्रों में ईवीएम में तोड़फोड़ करते हुए कैमरे पर रिकॉर्ड किया गया था. बयान में कहा गया है, “पलनाडु जिला चुनाव अधिकारियों ने बर्बरता की घटना से संबंधित मामले की जांच में सहायता के लिए ऐसे सभी मतदान केंद्रों के वीडियो फुटेज पुलिस को सौंप दिए हैं. चुनाव आयोग इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहा है और आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मुकेश कुमार मीना को भी निर्देश दिया गया है  कि वो पुलिस महानिदेशक को इन घटनाओं में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सूचित करें.”

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