देश में नया आपराधिक कानून 1 जुलाई से प्रभावी होगा. नया अपराध कानून पिछले साल दिसंबर में लोकसभा में पारित हुआ था. कानून को लागू करने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी भी जरूरी है. हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश भर में नए अपराध कानून को लागू करने की तारीख स्थगित करने और नवनिर्वाचित संसद में तीनों कानूनों पर फिर से चर्चा करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में ममता ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इन संशोधित कानूनों की नए सिरे से समीक्षा की जरूरत है। उन्हें नवनिर्वाचित संसद में फिर से प्रस्तुत किया जाए।’ ममता बनर्जी ने संसद से अपील की कि इस नए संशोधित आपराधिक कानून की समीक्षा के लिए इसे देशभर में प्रभावी बनाने की समय सीमा को टाल दिया जाए. ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में संसद के दोनों सदनों से कुल 146 सांसदों को निष्कासित कर दिया गया था. ऐसे में ये तीनों बिल संसद में बिना किसी चर्चा के ‘एकतरफा’ पास कर दिए गए. लेकिन, उन तीन बिलों की समीक्षा की जरूरत है. ममता ने कहा, “बेहतर होगा कि लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्य इन बेहद महत्वपूर्ण कानूनों पर विचार-विमर्श करें और आम सहमति पर पहुंचें।” मैं आपसे तीनों कानूनों के क्रियान्वयन पर रोक लगाने और उनकी नए सिरे से समीक्षा करने का अनुरोध करता हूं।’
‘संसद में नए आपराधिक कानून पर फिर से चर्चा होनी चाहिए’, ममता का प्रधानमंत्री को पत्र
