पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में गंगा दशहरा के मौके पर उमानाथ घाट पर गंगा नदी में एक नाव के डूबने से 17 लोग की नदी में डूबने की खबर है। इसमें से 13 को सकुशल बाहर निकल लिया गया है। जबकि 4 अबतक लापता है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम लापता लोगों की गंगा में तलाश कर रही है। बाढ़ में आज गंगा दशहरा पर लोग स्नान के लिए जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि नाव पर लगभग 21 लोग सवार थे । घटनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारी कैंप कर रहे हैं।हादसे के बाद चीख पुकार मच गयी। आज गंगा दशहरा के पर्व को लेकर घाटों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।लोगों का कहना है कि आज के दिन प्रशासन को नाव परिचालन पर रोक लगनी चाहिए थी। नाव पर क्षमता से अधिक यात्री को बैठा कर गंगा दियारा ले जाया जा रहा था,पर इसे देखने वाला कोई नहीं है। प्रशासन की लापरवाही से हादसा हुआ है। घटना की पुष्टि करते हुए बाढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि उमानाथ घाट पर रविवार को गंगा दशहरा के अवसर पर लोग गंगा स्नान करने आए थे। नाव पलटने से परिवार के 17 लोग नदी में डूबने लगे। इनमें से 13 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। वह फिलहाल ठीक है। बाकि बचे लोगों में एनएचएआई के एक सेवानिवृत्त अधिकारी अवधेश प्रसाद भी लापता हैं। वे एक माह पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि उनकी पत्नी को बचा लिया गया है। जानकारी अनुसार नालंदा जिला के मालती गांव निवासी NHAI के पूर्व क्षत्रिय अधिकारी अवधेश प्रसाद अपनी माता के श्राद्धकर्म के बाद परिवार और रिशेतदार के साथ उमानाथ घाट में गंगा स्नान करने गए थे । गंगा स्नान के दौरान सभी लोग नाव से दूसरे किनारा आ रहे थे । इसी दौरान नाव बीच गंगा नदी में डब गई। नाव पर बच्चे बड़े समेत 17 लोग सवार थे । नाव पर सवार सभी लोग डूबने लगे । वहां पर मौजूद स्थानीय नाविक ने तो कुछ तैर कर 13 लोगों की जान बचाए। डूबने वालो में उनके परिवार के अन्य सदस्य शामिल है।
पटना में गंगा नदी में डूबी नाव, NHAI के रिटायर्ड अधिकारी समेत 4 लापता
