दिल्ली में जल संकट को लेकर 14 जगहों पर केजरीवाल सरकार के खिलाफ मटका फोड़ प्रदर्शन, छतरपुर जल बोर्ड ऑफिस पर पथराव और तोड़फोड़

दिल्ली में जल संकट विवाद रविवार को हिंसक हो गया। सैकड़ों की संख्या में आए लोगों ने छतरपुर जल बोर्ड ऑफिस पर पथराव और तोड़फोड़ की। ऑफिस पर मटके फेंके, जिसकी वजह से शीशे टूट गए। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। इस घटना पर दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा- दक्षिण दिल्ली के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी भाजपा के गुंडों को लेकर आए और जल बोर्ड के दफ्तर में तोड़फोड़ करवाई। हमने इसका वीडियो दिल्ली पुलिस को भेज दिया है। क्या दिल्ली पुलिस FIR करेगी। आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग पाइपलाइन काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे सप्लाई प्रभावित हो रहा है। भाजपा के नेता टूटी पाइपलाइन के पास कैसे पहुंच जा रहे हैं। वे यहां फोटो क्लिक कराते हैं। मैंने पुलिस कमिश्नर को चिट्‌ठी लिखकर पाइपलाइनों की सिक्योरिटी की मांग की है। भाजपा ने दिल्ली में जल संकट को लेकर 14 जगहों पर केजरीवाल सरकार के खिलाफ मटका फोड़ प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज भी शामिल हुईं। सचदेवा ने कहा- दिल्ली में पानी की कमी के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह सीएम अरविंद केजरीवाल हैं। वहीं बांसुरी स्वराज ने कहा- दिल्ली में जल संकट प्राकृतिक समस्या नहीं है। यह AAP द्वारा बनाई गई किल्लत है। दिल्ली के पास पर्याप्त पानी है। हरियाणा भी ज्यादा पानी रिलीज कर रहा है। 10 साल में AAP ने दिल्ली जल बोर्ड को 600 करोड़ के प्रॉफिट से 73 हजार करोड़ के लॉस में ला दिया है। दिल्ली सरकार में मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा- कुछ दिनों पहले कुछ वीडियो को खास तरह के लोगों ने वायरल किया। इसमें कहा जा रहा था कि दिल्ली में पानी की लीकेज हो रही है। मुझे नहीं लगता कि वह लीकेज नेचुरल है, मुझे लगता है कि कुछ लोग जानबूझकर लीकेज कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा- कल दक्षिण दिल्ली में पाइप को बांधने वाले नट-बोल्ट कटे हुए मिले, वह किसने काटे? उसकी वजह से आज पूरे दक्षिण दिल्ली में पानी नहीं आया। मैं जनता से निवेदन करूंगा कि वे इस पर निगरानी रखें, क्योंकि कुछ लोग इन पाइपलाइनों को तोड़ने का षड्यंत्र कर रहे हैं। वीरेंद्र सचदेवा ने एक वीडियो जारी कर इंद्रपुरी में 100 से अधिक अवैध कनैक्शन देने को लेकर दिल्ली जल बोर्ड पर सरकारी पानी का दोहन करने का आरोप लगाया। सचदेवा ने कहा कि अगर लोगों को अवैध कनेक्शन देकर मनमाना पैसा लिया जा रहा है तो वैध कनेक्शन क्यों नहीं दिए जा सकते? वीरेंद्र सचदेवा ने वीडियो में कहा कि हम पहले दिन से कहते आ रहे हैं कि आम आदमी पार्टी के मंत्री, विधायक पानी की चोरी और कालाबाजारी करवाते हैं। इंद्रपुरी के बुद्ध विहार में लोगों से 35-35 हजार रुपए लेकर डीजेबी के पाइपलाइन से पानी के अवैध कनेक्शन जोड़े गए हैं। सीएम, मंत्री, विधायक सब पानी की कालाबाजारी करते हैं। दिल्ली में जल संकट के दो कारण हैं- गर्मी और पड़ोसी राज्यों पर निर्भरता। दिल्ली के पास अपना कोई जल स्रोत नहीं है। पानी के लिए यह पड़ोसी राज्यों पर निर्भर है। दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, इस साल दिल्ली 32.1 करोड़ गैलन प्रतिदिन पानी की कमी से जूझ रही है। दिल्ली जल बोर्ड के मुताबिक, राज्य को रोजाना 129 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है। हालांकि गर्मियों में केवल 96.9 करोड़ गैलन प्रतिदिन मांग ही पूरी हो पा रही है। यानी दिल्ली की 2.30 करोड़ आबादी को हर दिन 129 करोड़ गैलन पानी चाहिए, लेकिन उसे सिर्फ 96.9 करोड़ गैलन पानी ही मिल रहा है। दिल्ली में पानी की जरूरत हरियाणा सरकार यमुना नदी से, उत्तर प्रदेश सरकार गंगा नदी से और पंजाब सरकार भाखरा नांगल बांध के पानी से पूरी करती है। 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली को हर दिन यमुना से 38.9 करोड़ गैलन, गंगा नदी से 25.3 करोड़ गैलन और भाखरा-नांगल (रावी-व्यास नदी) से 22.1 करोड़ गैलन पानी मिलता था। इसके अलावा कुएं, ट्यूबवेल और ग्राउंड वाटर से 9 करोड़ गैलन पानी आता था। यानी दिल्ली को हर दिन 95.3 करोड़ गैलन पानी मिलता था। 2024 के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 96.9 करोड़ गैलन हो गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरेंडर करने से पहले पानी की कमी से जूझ रही दिल्ली की जनता के लिए भाजपा से अपील की थी। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि BJP हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों से दिल्ली को एक महीने के लिए पानी देने के लिए कहे।

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