देवघर में पुरानी इमारत धराशायी; कई लोगों के फंसे होने की आशंका, बचाव कार्य जारी

झारखंड की बाबानगरी देवघर में एक पुरानी इमारत भराभरा कर ढेर हो गई। जानकारी के मुताबिक, लगातार बारिश के बीच देवघर में सीता होटल के समीप एक इमारत धराशायी हो गई। मलबे में 10 से 12 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर एनडीआरएफ की टीम पहुंची और राहत और बचाव कार्य में जुट गई। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे भी घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने हालात का जायजा लिया। फिलहाल राहत बचाव टीम लोगों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश में लगी हुई है। निशिकांत दुबे ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘देवघर में आज सुबह 6 बजे के आसपास बमबम झा पथ पर तीन मंजिला मकान ढह गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत की टीम भिजवाई। सुबह से मैं खुद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय लोगों के साथ घटना स्थल पर मौजूद हूं। स्थानीय लोगों ने अभी तक तीन लोगों को और एनडीआरएफ ने एक महिला को बचाया है। बचाव कार्य जारी है। घायलों के लिए देवघर एम्स ने इलाज की सुविधा कर रखी है। निशिकांत दुबे ने बताया कि 8 से 10 साल पहले श्रावणी मेले के दौरान ऐसी ही एक बड़ी घटना हुई थी। तब से एनडीआरएफ की एक टीम देवघर में हमेशा तैनात रहती है। आज बचाव अभियान जल्दी शुरू होने की वजह यही है। वहीं, एनडीआरएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति को बचा लिया गया है, जबकि कुछ के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। देवघर के जिला कलेक्टर विशाल सागर ने बताया कि यहां एक तीन मंजिला इमारत गिर गई। जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिली, तुरंत एनडीआरएफ की टीम को यहां भेजा गया। हमने यहां से 2 लोगों को बचाया है और उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया है। जानकारी मिली है कि कुछ और लोग फंसे हुए हैं, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। मुझे जो प्रारंभिक जानकारी मिली है, उसके मुताबिक यहां कुछ निर्माण कार्य शुरू था। हो सकता है कि घर उतना मजबूत न रहा हो, जिसकी वजह से घर गिर गया। इस मामले की जांच की जाएगी, लेकिन अभी हमारी प्राथमिक चिंता लोगों और उनकी जान बचाना है।

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