बलात्कार की सज़ा मौत होगी राज्य सरकार इस संबंध में कानून बनाने के लिए विधानसभा में विधेयक ला रही है मेयो रोड में तृणमूल छात्र परिषद की बैठक से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह विधानसभा सत्र बुलाकर दस दिनों के भीतर इस विधेयक को पारित कराया जायेगा. इस दिन मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हत्यारों, अत्याचारियों, बलात्कारियों को क्यों रिहा किया जाना चाहिए? मैंने प्रधानमंत्री को लिखा. मैंने चेतावनी दी न्याय संहिता ने एक कानून बनाया। हमारे पास कानून की शक्ति नहीं है. अगर होता तो सात दिन में फाँसी हो जाती। आप ये एक काम कर देंगे तो सब शांत हो जाएगा.” इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगले हफ्ते विधानसभा का सत्र बुलाया जा रहा है. मैं इस कानून को पास करके राज्यपाल के पास भेजूंगा.’ अगर राजा बाबू कुछ नहीं करेंगे तो लड़कियाँ राजभवन में घंटों बैठी रहेंगी। इसे राष्ट्रपति के पास भेजने से काम नहीं चलेगा. मुख्यमंत्री ने यह भी शिकायत की कि बीजेपी आरजी टैक्स मामले की जांच की वास्तविक दिशा बदलने की कोशिश कर रही है. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि मामला अपने हाथ में लेने के 16 दिन बीत जाने के बाद भी सीबीआई किसी को गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकी. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कल नवान्न में हुई छापेमारी के पीछे कौन था साथ ही ममता ने चेतावनी दी है कि वह बंगाल पर किसी भी तरह का अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगी मुख्यमंत्री ने शिकायत की कि कल का नबन्ना अभियान, जिसके परिणामस्वरूप लोगों की जान गई, एक धोखा था लेकिन पुलिस के रोके जाने के कारण योजना सफल नहीं हो सकी
‘बलात्कार के लिए मौत की सजा का नया कानून बनाने के लिए राज्य सरकार 10 दिन के अंदर विधेयक ला रही है’, ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान
