विनेश फोगाट ने सिल्वर जीतने की आखिरी कोशिश के तौर पर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कोर्ट का दरवाजा खटखटाया सरकार भी देश के पलावां के गले में मेडल लटकाने की पूरी कोशिश कर रही है इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विनेश फोगाट ने समर्थन किया है. झारग्राम में विश्व आदिवासी दिवस के मंच से गरजीं ममता बनर्जी. पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में ममता बनर्जी ने खेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला. उन्होंने इस दिन कहा था, ”जो लड़की सोना ला सकती है. किस कारण से, किसलिए, कैसे वंचित किया गया, यह देश की जनता को भविष्य में पता चलेगा। सीधे तौर पर केंद्र सरकार के प्रति जिम्मेदार इस घटना के बारे में इस बार टीम के सुप्रीमो विनेश फोगाट ने भी खुलकर बात की, जिन्हें अधिक वजन के कारण पेरिस ओलंपिक से बाहर कर दिया गया था. मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस के मंच से कहा, ”मुझे याद है, पिछला ओलिंपिक शायद बीस साल पहले हुआ था. मैं एक समय युवा एवं खेल मंत्री था 1991-1992 में। तब से मैंने अगले 20 वर्षों की योजना बनाई सभी अकादमियाँ खिलाड़ी बनाती हैं ताकि 20-21 साल बाद भारतीय खिलाड़ी उस सम्मान को हासिल कर सकें देशवासियों को कल पता चलेगा कि जो लड़की आज सोना ला सकती थी उसे उससे वंचित क्यों रखा गया। मैं उन्हें बधाई देता हूं.” भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट को अधिक वजन के कारण पेरिस ओलंपिक गेम्स 2024 में फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग के फाइनल से पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था. विनेश और उनकी टीम पहले ही अयोग्यता के फैसले के खिलाफ सीएएस में अपील कर चुकी है देखने वाली बात ये होगी कि भारतीय पहलवान को सिल्वर मिलेगा या नहीं
‘विनेश ला सकती थी सोना’, अब विनेश फोगाट मुद्दे पर ममता ने कहा
