लोकसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी को बार-बार यह कहते हुए सुना गया कि अगर इंडिया अलायंस सत्ता में आया तो उनकी पार्टी तृणमूल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हालांकि लोकसभा चुनाव में इंडिया अलायंस के नतीजे पहले से बेहतर रहे, लेकिन वे केंद्र में सरकार नहीं बना सके. हालांकि, गठबंधन में तृणमूल अहम भूमिका निभाती नजर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, संसद में उपसभापति पद का उम्मीदवार कौन होगा, यह तय करने में ममता बनर्जी की सलाह अहम रही है. जैसे-जैसे समय बीत रहा है, विपक्षी गठबंधन में ममता बनर्जी और तृणमूल की अहमियत काफी बढ़ गई है। फिलहाल डिप्टी स्पीकर पद के लिए इंडिया अलायंस के उम्मीदवार के तौर पर फैजाबाद के सांसद अब्देश प्रसाद का नाम सुनने में आ रहा है. अयोध्या इसी फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में आता है. और ममता बनर्जी ने सुझाव दिया कि उस केंद्र से समाजवादी पार्टी के सांसद को उपसभापति पद का उम्मीदवार होना चाहिए. उपसभापति पद के लिए अब्देस प्रसाद का नाम आने से बीजेपी भी काफी असहज है. क्योंकि, जैसा कि राजनीतिक हलकों द्वारा बताया गया है, गेरुआ शिबिर ने लोकसभा चुनावों में इसे बढ़ावा देने के लिए राम मंदिर को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया। लेकिन नतीजों के बाद लग रहा है कि बीजेपी उस ‘राम जन्मभूमि’ में हार गई है. राजनीतिक हलके के एक वर्ग का मानना है कि अगर अयोध्या और फैजाबाद के सांसद को डिप्टी स्पीकर बनाया गया तो इससे बीजेपी को काफी असुविधा होगी. गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने लोकसभा उपाध्यक्ष के तौर पर अब्देस प्रसाद के नाम की सिफारिश की है. लोकसभा उपाध्यक्ष को लेकर अभिषेक बनर्जी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच बातचीत. वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से बताया गया कि पार्टी उपसभापति पद के लिए किसी को नियुक्त नहीं करना चाहती है. ऐसे में अबदेश प्रसाद डिप्टी स्पीकर पद के लिए इंडिया अलायंस के उम्मीदवार होंगे. कुछ सूत्रों के मुताबिक चर्चा के दौरान ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी से फोन पर बात की. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने ये सलाह वहां दी.
ममता बनर्जी की सलाह पर लोकसभा उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार ‘अयोध्या के अवधेश प्रसाद’
