जम्मू-कश्मीर चुनाव सामने हैं. यहां निष्पक्ष मतदान के लिए समुचित सुरक्षा की जरूरत है. इसीलिए भारतीय सेना अब सक्रिय है. जम्मू में पहले ही अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा चुकी है. 18 सितंबर से विधानसभा चुनाव होंगे. कुल तीन वोट होंगे.पूरे जम्मू-कश्मीर में पहले ही हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. इंटेलिजेंस के पास जानकारी है कि इस चुनाव के आसपास आतंकी हमले हो सकते हैं. नतीजा यह होता है कि प्रशासन को लगता है कि अगर आप पहले से सावधान रहेंगे तो इससे छुटकारा मिल जायेगा. अनुच्छेद 370 को लेकर तमाम बहसों को छोड़ दें तो आयोग के लिए बड़ी चुनौती यहां सही चयन करना है. पहले चरण का मतदान 18 सितंबर को होगा. 25 अक्टूबर को दूसरा राउंड और 1 अक्टूबर को तीसरा राउंड. राजौरी, पुंछ, कठुआ, डोडा जिलों को पहले ही विशेष रूप से संवेदनशील के रूप में पहचाना जा चुका है। पिछले दो वर्षों में कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि ने प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के साथ ही सीमा को सील कर दिया गया है. पुलिस अलग-अलग इलाकों में गश्त कर रही है. यह भी बताया गया है कि सेना उग्रवाद को रोकने के लिए हमेशा तैयार रहती है.
विधानसभा चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर में ‘हाई-अलर्ट’ जारी
