सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल को उदाहरण अपनाने का आदेश दिया, बढ़े हुए वेतन पर पश्चिम बंगाल सरकार की दलील से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट है

देश के 18 राज्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, न्यायाधीशों, न्यायपालिका से जुड़े कर्मचारियों को राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप बढ़ा हुआ वेतन नहीं दे रहे हैं – सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया गया है। नेशनल जजेस एसोसिएशन ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग करते हुए एक मामला दायर किया मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वकील राकेश द्विवेदी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ से सवाल करते हुए कहा कि राज्य सरकार पहले ही बकाया राशि का भुगतान कर चुकी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस दिन सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव बीपी गोपालिका और वित्त सचिव मनोज पंत कोर्ट में मौजूद थे. वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने उनके सामने कहा, ”सोमवार को सरकारी अधिसूचना जारी कर पैसे का भुगतान कर दिया गया है.” इसके अलावा राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि नये बकाया संबंधी बिल मिलने के चार सप्ताह के भीतर पैसे का भुगतान कर दिया जायेगा. द्विवेदी ने शीर्ष अदालत को बताया कि राशि का भुगतान राज्य के आहरण एवं संवितरण अधिकारी के संदर्भ में बकाया बिल प्राप्त होने के बाद ही किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के इस रुख पर संतुष्टि जताई है

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