जीवन बीमा और दवाइयों पर जीएसटी लगाने का संसद में विरोध कर रही सरब तृणमूल कांग्रेस. शुक्रवार को तृणमूल सांसदों ने यह मुद्दा उठाया. संसदीय दल के नेता सुदीप बनर्जी ने शिकायत की कि भाषण के बीच में माइक बंद कर दिया गया. इसके बाद तृणमूल सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया. संसदीय दल के नेता सुदीप बनर्जी, महुआ मैत्रा, प्रसून बनर्जी, सयानी घोष को संसद परिसर के बाहर नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। तृणमूल सांसद सुदीप बनर्जी ने कहा, ‘जीवन बीमा और दवाओं पर 18 फीसदी जीएसटी वापस लिया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को देश के सामने उजागर किया है. हमने मांग की है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद आएं. आज दो बार माइक काटा गया. हमें कुएं के पास उतरना पड़ा. हमारी मांग स्पष्ट है. जीवन बीमा प्रीमियम और दवाओं पर जीएसटी हटाने का आश्वासन दिया जाना चाहिए और इस फैसले को जल्द से जल्द वापस लिया जाना चाहिए।’ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है. उन्होंने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘भारत सरकार से हमारी मांग है कि मानव स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम से जीएसटी हटाया जाए. अगर सरकार ने जनविरोधी जीएसटी वापस नहीं लिया तो हम सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे.’
जीवन बीमा-फार्मास्यूटिकल्स पर जीएसटी वापस लेने की मांग, भाषण के दौरान माइक बंद होने से तृणमूल का संसद से वॉकआउट
