तृणमूल कांग्रेस के सांसद और प्रतिनिधि सुबह से ही दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने पर धरने पर बैठे रहे. कल शाम करीब 5 बजे उन्होंने चुनाव आयोग के मुख्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया. लेकिन, कुछ देर बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया. उन्हें हिरासत में भी लिया गया. तृणमूल की शिकायत है कि उनके साथ जबरदस्ती मारपीट की गई, महिला सांसदों को भी परेशान किया गया. इसके बाद वे थाने के बाहर ही रुके रहे. उन्होंने मंगलवार सुबह से थाने में यह धरना शुरू कर दिया. इस मुद्दे पर पहले ही तृणमूल कांग्रेस के 11 प्रतिनिधि राजभवन जा चुके हैं. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने किया। उन्होंने कहा, ”हमारा प्रतिनिधिमंडल मांग लेकर दिल्ली में चुनाव आयोग के पास गया था.” दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या की गई है. इसका निर्माता चुनाव आयोग है. हमारी महिला सांसदों को प्रताड़ित किया जाता है. डोला सेन को अमानवीय तरीके से घसीटा गया, डेरेक को घसीटा गया.” तृणमूल कांग्रेस खेमे का दावा है कि उनका शांतिपूर्ण रुख जारी रहेगा.
दिल्ली में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर तृणमूल सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया
